ब्रेकिंग
30 सितम्बर को दुर्ग में संभाग स्तरीय महारैली, धरना-प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर मां भारती की सेवा के लिए दें आशीर्... CHO संघ की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई: CMHO बेमेतरा डॉ. अमृत लाल रोहलदेकर निलंबित ‘शुभम’ बने नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ (छत्तीसगढ़) के दुर्ग संभाग अध्यक्ष, संगठन ने जताया भर... गणेश चतुर्थी पर 14 सितंबर को बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, निगम की टीम रखेगी निगरानी मोर मकान–मोर आस योजना के तहत आवासों के लिए आवेदन आमंत्रित छत्तीसगढ़ की केंद्रीय OBC सूची में रावत जाति को शामिल कराने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं राज्य पिछड़ा... अस्पताल में रिश्तेदार को फोन करने के बहाने मोबाइल लेकर 1.48 लाख की ठगी स्कूल जाने निकले तीन नाबालिग बच्चे डोंगरगढ़ पहुंचे, छावनी पुलिस ने 6 घंटे में किया सकुशल बरामद 6 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म और हत्या मामले में आरोपी को मृत्युदंड
देश

प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने बड़ा कदम, लोक परीक्षा संशोधन विधेयक-2026 पारित

नई दिल्ली। लोकसभा ने बुधवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 को पारित कर दिया। इस संशोधन के जरिए वर्ष 2024 के कानून को और अधिक सख्त बनाया गया है। नए प्रावधानों के तहत अब पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों को 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और संपत्ति जब्त किए जाने जैसी कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है।

पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान

संशोधित कानून के अनुसार, परीक्षा में अनियमितता या पेपर लीक के मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर दंड दिया जाएगा। साथ ही, मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की जाएगी।

कानून के तहत एफआईआर दर्ज होने के दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी, जबकि आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मामले का निपटारा करना अनिवार्य होगा।

युवाओं के हितों की रक्षा का दावा

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक की घटनाएं विभिन्न राज्यों में सामने आई हैं और सरकार ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई के पक्ष में है।

सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस

विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, नीट परीक्षा और छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया।

इस दौरान उनकी कुछ टिप्पणियों पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी से चर्चा को केवल विधेयक तक सीमित रखने का आग्रह किया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

कुछ दलों ने किया समर्थन, कुछ ने जताई आपत्ति

जदयू सांसद दिलेश्वर कामायत ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित होगा। वहीं, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने इसे अपर्याप्त बताते हुए विधेयक का विरोध किया।

विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button